सोमवार, 17 अगस्त 2009

ब्रेस्ट कैंसर

यूं तो ब्रेस्ट कैंसर किसी भी उम्र भी हो सकता है, लेकिन खासतौर पर 40 साल की उम्र के बाद इसका खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में साल में एक बार चेकअप करवाते रहने के अलावा और भी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।बदलते रहन-सहन के इस दौर में भारत में ब्रेस्ट कैंसर तेजी से पांव पसार रहा है। हालांकि इसे शुरुआती स्टेज पर पहचानना मुश्किल नहीं है और अगर इसका पता समय पर लग जाए, तो इस पर काफी हद तक इस पर काबू पाया जा सकता है।कब करवाएं टेस्ट-अगर आप 40 या इससे ज्यादा उम्र की हैं, तो साल में एक बार ब्रेस्ट एक्सरे जरूर करवाएं।- ब्रेस्ट कैंसर की एक वजह आनुवंशिक भी होती है। अगर आपकी मम्मी को यह प्रॉब्लम रही है, तो इस मामले में आपको पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे में आपको 40 साल से पहले से ही इसका परीक्षण करवाना शुरू कर देना चाहिए।- अगर आपके रहन-सहन में सिगरेट, स्मोकिंग, पान मसाला जैसी चीजें शामिल हैं, तो ब्रेस्ट कैंसर होने के चांस ज्यादा हो जाते हैं।
इसलिए आपको जल्दी से जल्दी ब्रेस्ट एक्सरे करवाना शुरू कर देना चाहिए।- छाती में किसी भी तरह की गांठ को हल्के तौर पर न लें और तुरंत डॉक्टर से ब्रेस्ट कैंसर का चेकअप करवाएं।
एक्सरे से स्तन कैंसर का पता शुरुआती स्टेज में ही लगाया जा सकता है। इस जांच से यह भी पता चल जाता है कि कैंसर ब्रेस्ट के किस हिस्से में है।
अगर आपको ब्रेस्ट हार्ड महसूस हो रहा हो और सूजन की वजह से आप असहज महसूस कर रही हों, तो ऐसी स्थिति में तुरंत एक्सरे करवाएं।
पीरियड्स से पहले के एक हफ्ते में एक्सरे करवाना अवॉइड करें।- टेस्ट के दिन डियॉड्रेंट या परफ्यूम ना ही लगाएं। इस तरह की चीजें एक्सरे पिक्चर में वाइट स्पॉट लाती हैं, जिससे रिपोर्ट सही नहीं आती। अगर आपको ब्रेस्ट में कोई दिक्कत महसूस हो रही हो, तो एक्सरे से पहले ही डॉक्टर को बता दें।
जो महिलाएं प्रेग्नंट हैं या ब्रेस्ट फीडिंग करवाती हैं, उनको भी ब्रेस्ट से जुड़े टेस्ट करवाते रहने चाहिए।क्या करेंअगर आपको डॉक्टर की तरफ से ब्रेस्ट चेंज करने को कह दिया गया है, तो डॉक्टर के कहे मुताबिक ही स्टेप बाई स्टेप टेस्ट करवाते रहें। साथ ही, दवाइयां भी समय के मुताबिक लेना न भूलें। इस दौरान अगर स्किन का एक जगह इकट्ठा होना, सूजन, त्वचा में जलन, निपल में दर्द होना या उनका मुड़ना, निपल व ब्रेस्ट की स्किन का हिस्सा लाल होना, ब्रेस्ट के साइज में अंतर आना वगैरह में से कुछ भी महसूस करें, तो फौरन डॉक्टर से चेकअप करवाएं।ट्रीटमंटकैंसर वाले ब्रेस्ट का इलाज पर डिपेंड करता है कि कैंसर किस हद तक बढ़ गया है।
ज्यादा गंभीर स्थिति में ब्रेस्ट को पूरी तरह हटाना तक पड़ सकता है। शुरुआती स्थिति में पता चल जाने पर ब्रेस्ट के प्रभावित हिस्से को हटाकर भी काम चलाया जा सकता है।
इसके लिए सर्जरी, कीमोथेरपी, रेडियो थेरपी, हॉर्मोनल थेरपी वगैरह से इलाज होता है।
सर्जरी में ब्रेस्ट को पूरी तरह निकाल दिया जाता है, जबकि अन्य स्थितियों में दूसरी विधियों द्वारा इलाज किया जाता है।

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