वैसे तो कोलेसटेरोल तो एक ही प्रकार का होता है, लेकिन किस प्रकार के लाईपोप्रोटीन के संगत में कोलेसटेरोल है, उसे अच्छा कोलेसटेरोल (Good Cholestrol) या बुरा कोलेसटेरोल (Bad Cholesterol) कहा जाता है।
अगर काईलोमाईक्रोन (Chylomicron), वी एल डी एल (VLDL) और एल डी एल (LDL) लाईपोप्रोटीन (Lipoprotein) में स्थित कोलेसटेरोल के बारे में बात किया जा रहा है तो यह आपके शरीर के विभिन्न अंगों को ले जाया जाता है। वहां पर चाहे तो यह शरीर के पालन के लिय खर्च कर दिया जाता है, या फिर जमा कर दिया जाता है। अगर अत्याधिक कोलेसटेरोल ले जाया गया, तो यह जमा करने के सीमा को पार कर जाता है। तब कोलेसटेरोल अन्यत्र जगह, जैसे कि खून के नलियों (Blood vessel) में जमा होने लगते हैं। इससे उसे संकुचित कर देते हैं (narrow) या फिर जाम कर देते हैं (block)। अंत में यह विभिन्न अंगों में खून के प्रवाह को कम करके नुकसान पहुँचाता है, जैसे कि दिल का दौरा (heart attack) या सदमा (stroke)। इसीलिय इस प्रकार के कोलेसटेरोल को बुरा कोलेसटेरोल (Bad Cholesterol) कहते हैं।
दूसरे तरफ एच डी एल लाईपोप्रोटीन (HDL Lipoprotein) में स्थित कोलेसटेरोल के बारे में बात किया जा रहा है तो यह आपके शरीर के विभिन्न अंगों से लिपिड को, लिवर या कलेजा में ले जाता है। वहां पर चाहे तो वो नया लाईपोप्रोटीन बनाने में लगा दिये जाते हैं (recycle) या बाईल या पित्त द्वारा, पैखाने में निकाल दिये जाते हैं (excreted)। अंत में एच डी एल लाईपोप्रोटीन शरीर में कोलेसटेरोल को कम करके विभिन्न बीमारीयों से बचाता है। इसीलिय इस प्रकार के कोलेसटेरोल को अच्छा कोलेसटेरोल (Good Cholestrol) कहते हैं।
सोमवार, 17 अगस्त 2009
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